सामान्य परिचय
- शासन काल : 232 – 224 ई.पू. (लगभग 8 वर्ष)
- वंश: मौर्य राजवंश (चतुर्थ शासक)
- राजधानी: पाटलिपुत्र (Pataliputra)
- पूर्ववर्ती (इससे पहले का शासक) : सम्राट कुणाल
- उत्तराधिकारी (इससे बाद का शासक): संप्रति मौर्य
उपाधि
- देवानम्पिय : अपने दादा सम्राट अशोक की तरह दशरथ मौर्य ने भी ‘देवानम्पिय’ (देवताओं का प्रिय) की उपाधि धारण की थी। इस बात की पुष्टि उनके द्वारा उत्कीर्ण शिलालेखों से होती है.
ऐतिहासिक महत्व और अभिलेख
- अंतिम अभिलेखीय शासक : दशरथ मौर्य अंतिम मौर्य सम्राट थे जिनके द्वारा जारी किए गए राजकीय शिलालेख या उत्कीर्ण लेख प्राप्त हुए हैं. उनके बाद के मौर्य राजाओं का कोई पुख्ता पुरातात्विक या अभिलेखीय प्रमाण नहीं मिलता है, केवल साहित्यिक स्रोतों (जैसे पुराणों) में उनका वर्णन है।
- भाषा और लिपि : इन गुफा अभिलेखों की भाषा “प्राकृत” और लिपि “ब्राह्मी” है.
धार्मिक नीति और योगदान
- आजीवक संप्रदाय को संरक्षण : यद्यपि मौर्य वंश में बौद्ध और जैन धर्म को बहुत बढ़ावा मिला, लेकिन दशरथ मौर्य ने आजीवक संप्रदाय को विशेष संरक्षण दिया.
- नागार्जुन गुफाओं का निर्माण : उन्होंने बिहार के गया जिले के पास स्थित नागार्जुन पहाड़ियों में आजीवक भिक्षुओं के निवास के लिए तीन महत्वपूर्ण रॉक-कट गुफाओं का निर्माण करवाया और उन्हें दान में दिया। इन तीन गुफाओं के नाम हैं:
- गोपिका गुफा (Gopika Cave)
- वाहियक / बड़थिका गुफा (Vadathika Cave)
- वापियक गुफा (Vapiyaka Cave)
- ये गुफाएँ अपनी आंतरिक ‘मौर्यकालीन पॉलिश’ और चमकदार शीशे जैसी दीवारों के लिए वास्तुकला जगत में प्रसिद्ध हैं.
साम्राज्य का विघटन और पतन की शुरुआत
- इतिहासकारों (जैसे रोमिला थापर और विंसेंट स्मिथ) के अनुसार, अशोक की मृत्यु (232 ई.पू.) के बाद विशाल मौर्य साम्राज्य का विभाजन हो गया.
- साम्राज्य का विभाजन : दो भागों में
- पूर्वी भाग मगध , राजधानी पाटलिपुत्र : दशरथ मौर्य को मिला.
- पश्चिमी भाग , राजधानी उज्जयिनी : उनके भाई संप्रति को मिला.
- दशरथ एक कमजोर सैन्य शासक साबित हुए, जिसके कारण सुदूर प्रांतों के सामंतों ने खुद को स्वतंत्र घोषित करना शुरू कर दिया:
- सातवाहन वंश : दक्षिण में सातवाहन वंश स्वतंत्र हो गया.
- कलिंग (महामेघवाहन वंश) : पूर्व में कलिंग (महामेघवाहन वंश) मौर्य शासन से अलग हो गया.
- कश्मीर में उनके चाचा जलौक ने और गांधार में वीरसेन ने स्वतंत्र राज्य स्थापित कर लिए.
